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1गूगल ने हाल ही में भारत में 17 लाख एडवरटाइजर अकाउंट सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। यह कदम जेमिनी AI तकनीक का उपयोग करके उठाया गया है, जिसका उद्देश्य भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण पाना है। गूगल ने बताया है कि आने वाले वर्षों में, विशेषकर 2025 तक, कंपनी 48 करोड़ से ज्यादा भ्रामक विज्ञापनों को हटाने का लक्ष्य रखती है।
जेमिनी AI गूगल की नई तकनीक है जो विज्ञापनों की पहचान और निगरानी में मदद करती है। यह सिस्टम स्वचालित रूप से संदिग्ध और भ्रामक विज्ञापनों का पता लगाता है, जिससे गूगल को अपने प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है।
भारत में भ्रामक विज्ञापनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ये विज्ञापन उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं और वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बन सकते हैं। गूगल का यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
गूगल ने अपने ब्लॉग पर इस बारे में जानकारी साझा की है कि कैसे जेमिनी AI 2025 तक लगभग 8.3 बिलियन खतरनाक विज्ञापनों को ब्लॉक करेगा। यह न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी विज्ञापनों की गुणवत्ता को सुधारने का प्रयास है।
गूगल की यह पहल उपभोक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। उपभोक्ताओं को अब अधिक भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण विज्ञापनों का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, गूगल ने यह सुनिश्चित किया है कि विज्ञापनदाता अब अधिक पारदर्शिता के साथ अपने उत्पादों का प्रचार कर सकें।
गूगल का यह कदम भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। जेमिनी AI तकनीक के माध्यम से, गूगल ने यह सुनिश्चित किया है कि उपभोक्ता सुरक्षित रहें और उन्हें केवल विश्वसनीय विज्ञापन ही दिखाए जाएं।
गूगल ने भारत में 17 लाख एडवरटाइजर अकाउंट सस्पेंड किए हैं।
जेमिनी AI गूगल की एक नई तकनीक है जो भ्रामक विज्ञापनों की पहचान और निगरानी में मदद करती है।
गूगल आने वाले वर्षों में जेमिनी AI के माध्यम से 48 करोड़ से ज्यादा भ्रामक विज्ञापनों को हटाने का लक्ष्य रखता है।