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1‘घोस्ट हायरिंग’ एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कंपनियां फर्जी नौकरी के विज्ञापन देती हैं, लेकिन वास्तव में वे किसी को हायर नहीं करतीं। यह प्रथा नौकरी के बाजार में भ्रम पैदा करती है और योग्य उम्मीदवारों की उम्मीदों को तोड़ती है। हाल के एक अध्ययन के अनुसार, 10 में से 4 कंपनियां इस प्रकार की फर्जी नौकरियों की पेशकश कर रही हैं।
फर्जी नौकरियों का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह उम्मीदवारों का समय और संसाधन बर्बाद करती है। लोग अपनी मेहनत से तैयार किए गए रिज़्यूमे और कवर लेटर भेजते हैं, केवल यह जानने के लिए कि नौकरी असल में नहीं है। इसके अलावा, यह कंपनियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है, जो कि वास्तव में योग्य उम्मीदवारों की तलाश कर रही हैं।
फर्जी नौकरियों की पहचान करना आसान नहीं है, लेकिन कुछ संकेत हैं जो आपको सतर्क कर सकते हैं।
‘घोस्ट हायरिंग’ से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
किसी भी कंपनी के बारे में जानकारी इकट्ठा करें। उनके सोशल मीडिया पेज, वेबसाइट और लिंक्डइन प्रोफाइल को चेक करें।
अपने नेटवर्क का उपयोग करें। आप अपने संपर्कों से जान सकते हैं कि क्या कोई अन्य व्यक्ति उस कंपनी में काम कर रहा है या उसने पहले काम किया है।
साक्षात्कार प्रक्रिया के बारे में स्पष्टता प्राप्त करें। अगर साक्षात्कार प्रक्रिया बहुत जल्दी या असामान्य है, तो यह फर्जी हो सकता है।
फर्जी नौकरियों के बढ़ते मामलों से बचने के लिए जागरूक रहना आवश्यक है। आपको हमेशा सचेत रहना चाहिए और हर नौकरी के प्रस्ताव की गहराई से जांच करनी चाहिए।
आप ‘नौकरी की तलाश में कैसे सफल हों’ और ‘कामकाजी वातावरण में क्या देखें’ जैसे लेखों को पढ़ सकते हैं।
घोस्ट हायरिंग एक प्रक्रिया है जिसमें कंपनियां फर्जी नौकरी के विज्ञापन देती हैं।
कंपनी की जाँच करें, नेटवर्किंग का उपयोग करें और साक्षात्कार प्रक्रिया की समझ रखें।
अत्यधिक वेतन का वादा, कंपनी की वेबसाइट पर नौकरी की सूची का अभाव।