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1मई 2023 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से ₹27,048 करोड़ की निकासी की। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ रही है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की यह सबसे बड़ी बिकवाली है।
विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से पैसे निकालने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें वैश्विक आर्थिक स्थितियों का प्रभाव, महंगाई, और ब्याज दरों में वृद्धि शामिल हैं। इसके अलावा, भारत में राजनीतिक अस्थिरता भी कुछ निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में विदेशी निवेशकों ने भारी बिकवाली की है। इन कंपनियों की हालत इन निवेशकों के निर्णय पर काफी प्रभाव डालती है।
आगामी महीनों में विदेशी निवेशकों की धारणा में बदलाव के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी देखे जा सकते हैं। जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, निवेशकों का विश्वास भी लौट सकता है।
हालांकि वर्तमान में निकासी का यह सिलसिला जारी है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय बाजार में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है।
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मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक स्थिति और महंगाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से निवेश की संभावनाएं अच्छी हैं।
रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली हो रही है।