1
1ऐपल ने भारत में अपने आईफोन उत्पादन को बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है। कंपनी का लक्ष्य 2025 तक 5.5 करोड़ आईफोन का उत्पादन करना है। यह कदम चीन पर निर्भरता को कम करने और भारत को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
ऐपल ने हाल ही में घोषणा की कि भारत में उसका उत्पादन 53% बढ़ा है। इस कदम के साथ, अब दुनिया का हर चौथा आईफोन भारत में बन रहा है। यह आंकड़ा न केवल ऐपल के लिए बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
ऐपल के इस निर्णय का सीधा लाभ शेयर बाजार में भी दिखाई दे रहा है। कंपनी के शेयरों में 15% की वृद्धि हुई है, जो निवेशकों के लिए एक उत्साहजनक संकेत है। इसके अलावा, ऐपल की उत्पादन वृद्धि का सीधा असर उसके मुनाफे पर भी पड़ेगा।
भारत को ऐपल का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी बल्कि तकनीकी विकास में भी योगदान मिलेगा।
रेडिंगटन कंपनी के शेयरों में भी 11% की उछाल आई है, जो ऐपल के उत्पादन में वृद्धि के कारण है। विभिन्न ब्रोकरेज ने इस शेयर में 20% से अधिक की तेजी की भविष्यवाणी की है।
भारत में आईफोन उत्पादन के इस नए चरण से न केवल ऐपल, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ता है, आईफोन की कीमतों में भी संभावित रूप से कमी आ सकती है।
ऐपल का भारत में आईफोन उत्पादन बढ़ाना न केवल कंपनी के लिए लाभकारी है, बल्कि यह भारत की तकनीकी विकास यात्रा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
ऐपल चीन पर निर्भरता कम करने और भारत को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए उत्पादन बढ़ा रहा है.
2025 तक भारत में 5.5 करोड़ आईफोन का उत्पादन करने का लक्ष्य है.
ऐपल के शेयरों में वृद्धि हो रही है, जिससे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं.